कारगिल विजय दिवस की पूर्व संध्या पर शब्द सागर समूह द्वारा काव्यगोष्ठी का आयोजन

इंदौर। कारगिल विजय दिवस की पूर्व संध्या पर शब्द सागर समूह द्वारा आयोजित गोष्ठी में कारगिल के वीर योद्धाओं के प्रति सच्ची संवेदनाओं का प्रवाहमय वंदन स्मरणीय रहा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. सुरेंद्र सक्सेना द्वारा की की गई। उनके द्वारा कारगिल प्रवास और इस अभियान से जुड़ी सटीक जानकारियाँ और अनुभव साझा किए गए।
काव्य गोष्ठी का आरंभ नीरल मंगला की हिमालय के वीर पंक्तियों से हुआ। डॉ. सुरेन्द्र सक्सेना की रचना अमन की आशा, अंजना पसारी की स्वतंत्रता क्या है, ओमप्रकाश नटीयाल की देश की सुरक्षा प्रणाली पर पढ़ी गई रचना,पूनम सिंह की ओ देश के वीर सपूतो, अमित शर्मा की हम भारत के भारत हमारा, स्वाति सिंह राठौर साहिबा की आजादी के दीवानों को है प्रणाम, उषा पटेल की हर दिल में था वंदे मातरम्, संजना पोरवाल की रचना शूर तुम वीर तुम वीर रस से परिपूर्ण रही। दिनेश तिवारी उपवन जांबाज कारगिल के रणवीरों की शहादत पर नमन रचना प्रभावपूर्ण थी, कल्याणी गुप्ता कृति की रचना आओ केवल पुष्प न चढ़ाएं उनके सपनो का मान करें अर्थपूर्ण थी। डॉ. अखिलेश राव ने राम कृष्ण की पुण्य धरा भारत देश हमारा है पढ़ी। कार्यक्रम का संचालन कल्याणी गुप्ता कृति एवं आभार डॉ अखिलेश राव द्वारा किया गया।



