मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में भव्य होगा 2028 का सिंहस्थ

–स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी के 94वें प्राकट्य महोत्सव में संतों का समागम, कर्नाटक के राज्यपाल और मुख्यमंत्री हुए शामिल
उज्जैन। आगामी 2028 का सिंहस्थ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में बहुत भव्य और दिव्य रूप में आयोजित होगा। यह बात जूना पीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी ने कही।
वे शनिवार को इंदौर रोड स्थित होटल अंजुश्री में भारत माता मंदिर के संस्थापक ब्रह्मलीन स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी के 94वें प्राकट्य महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। समारोह में कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए स्वामी अवधेशानंद गिरी ने ब्रह्मलीन स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी के ज्ञान, त्याग और राष्ट्र के प्रति योगदान का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ केवल एक मेला नहीं, बल्कि भारत की सनातन चेतना और तीर्थ-संस्कृति का विराट महापर्व है। इसे सुव्यवस्थित, सुरक्षित, स्वच्छ और श्रद्धालु-केंद्रित बनाने के लिए शासन-प्रशासन के साथ उज्जैन के प्रत्येक नागरिक और संत समाज की सामूहिक सहभागिता जरूरी है। महोत्सव में अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन व स्वस्तिवाचन के बाद ब्रह्मलीन गुरुदेव का विशेष पूजन, रुद्राभिषेक, पादुका पूजन और संत भंडारे का आयोजन संपन्न हुआ।
इनकी रही मौजूदगी
इस भव्य आयोजन में संत समाज और राजनीति से जुड़े कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम में स्वामी गोविंद देव गिरी, स्वामी अखिलेश्वरानंद गिरी, स्वामी ललितानंद गिरी, स्वामी उमेश नाथ, साध्वी प्रज्ञा भारती, स्वामी शैलेशानंद गिरी, आचार्य शेखर और आई.डी. शास्त्री ने प्रेरक प्रवचन दिए। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, उज्जैन जिला प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, पूर्व केंद्रीय मंत्री सत्यनारायण जटिया, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, विधायक सतीश मालवीय, इंदौर विधायक संजय शुक्ला, अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष रामलाल मालवीय, मध्य प्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष सौभाग्य सिंह ठाकुर, मध्य प्रदेश गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष ओम जैन, उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. रवि सोलंकी, सिंहस्थ विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष संजय अग्रवाल, डॉ. रवि, विश्वविद्यालय कार्य परिषद के वरिष्ठ सदस्य राजेश सिंह कुशवाह और महंत राजेंद्र भारती ने सहभागिता की।



