महापौर पर ठंडा पानी छिड़का….

-नितिन नवीन के रथ से नीचे उतारने का मामला ठंडा पड़ा, महापौर ने दिया बयान
उज्जैन (लोक वर्चस्व टीम)। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के उज्जैन आगमन पर निकले रथ पर सवारी को लेकर माहौल गरमा गया था। इस रथ से उज्जैन शहर के प्रथम नागरिक महापौर मुकेश टटवाल को नीचे उतार दिया गया था। प्रोटोकॉल का हवाला देते हुए उनका नाम रथ में बैठने वालों की सूची में शामिल नहीं था।महापौर बेइज्जती के साथ नीचे उतरे किंतु उन्होंने अपने व्यक्तित्व/ छबि को धूमिल वाला मानते हुए उनका, उनके समाज का तथा नगर निगम के प्रथम नागरिक का अपमान बताया। उन्होंने आंदोलन करने तक की धमकी भी दे दी थी। उनके साथ उनके समाज, राजनीतिक दलों से जुड़े साथियों का समर्थन मिला था।
आज करने वाले थे आंदोलन
महापौर टटवाल रविवार को डॉ. अंबेडकर प्रतिमा स्थल पर आंदोलन करना चाह रहे थे। उनके समर्थक भी शामिल होने वाले थे। शनिवार को उस समय उनके प्रस्तावित आंदोलन पर ठंडा पानी छिड़क दिया गया, तब वे आंदोलन की तैयारी कर रहे थे। सत्ता और संगठन का इतना जबरदस्त दबाव आया कि उन्हें आंदोलन से पीछे हटने के लिए मजबूर होना पड़ा। महापौर कहते हैं कि उन्हें आश्वासन मिला है कि इस मामले की जांच करवाएंगे। ऐसे कैसे हुआ? इसकी दोबारा पुनरावृत्ति नहीं हो सके। महापौर ने आंदोलन नहीं करने के बारे में अपना वीडियो प्रसारण जारी किया। इसके बाद उनके समर्थकों में मायूसी छा गई। रथ में बैठने वालों में ग्रामीण क्षेत्र के विधायक शामिल थे किंतु उज्जैन शहर के प्रथम नागरिक को उसमें शामिल नहीं किया गया था। क्या नियोजित तरीके से उनका नाम हटाया गया था?



