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मध्य प्रदेश के कई शहरों में 44 डिग्री के पार पहुंचा पारा

तपती गर्मी से झुलसा देश: , बांदा में टूटा रिकॉर्ड

उज्जैन। मध्य प्रदेश समेत पूरे भारत में इस समय लू का भयंकर प्रकोप जारी है। आसमान से बरसती आग और गर्म हवाओं के थपेड़ों ने लोगों का घर से निकलना मुहाल कर दिया है। उत्तर भारत से लेकर मध्य भारत तक सूरज की तपिश अपने चरम पर है और तापमान नए रिकॉर्ड बना रहा है। नौतपा शुरू होते ही सूरज के तेवर आक्रामक हो गए हैं। भीषण गर्मी के कारण सड़कों पर सन्नाटा पसर गया है और दोपहर के समय बाजार सूने नजर आ रहे हैं। अधिकतम तापमान सामान्य से काफी ऊपर जाने के कारण मौसम विभाग ने कई जिलों में गंभीर चेतावनी जारी कर दी है।

मध्य प्रदेश के सोलह शहरों में तापमान 44 डिग्री के पार इस जानलेवा गर्मी का सबसे व्यापक असर मध्य प्रदेश में देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश के लगभग सोलह शहरों में अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर दर्ज किया गया है। इनमें छतरपुर जिले का खजुराहो और नौगांव भट्टी की तरह तप रहे हैं। खजुराहो में पारा 47.4 डिग्री तक पहुंच गया है। वहीं, नौगांव में 46.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। टीकमगढ़, सतना, दतिया, नरसिंहपुर, दमोह, सागर, राजगढ़ और जबलपुर जैसे प्रमुख शहरों में भी तापमान 44 डिग्री से अधिक बना हुआ है। बड़े शहरों ग्वालियर, भोपाल, इंदौर और उज्जैन में तपिश लगातार बढ़ती जा रही है।

बांदा में दर्ज हुआ देश का सर्वाधिक 48 डिग्री तापमान पूरे भारत की मौजूदा स्थिति की बात करें तो उत्तर प्रदेश का बांदा जिला इस समय देश का सबसे गर्म स्थान बन गया है। देश में आज का सर्वाधिक अधिकतम तापमान बांदा में 48 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। राजस्थान और दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में लू से हालात बेहद गंभीर हैं। दिल्ली में भी तापमान 46 डिग्री के पार पहुंच गया है, जिससे बिजली की मांग उच्चतम स्तर पर है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार थार मरुस्थल की ओर से आने वाली गर्म हवाएं इस तपिश को लगातार बढ़ा रही हैं।

इंसानों और मवेशियों पर असर, स्वास्थ्य विभाग की चेतावनी बढ़ते तापमान का असर इंसानों के साथ जानवरों पर भी पड़ रहा है। कई किसानों को मवेशियों को गर्मी से बचाने के लिए तबेले में भारी-भरकम कूलर और पानी की फुहारें लगानी पड़ी हैं। भीषण लू के कारण बीमार पड़ने वालों की संख्या में इजाफा हो रहा है। रोजाना सफर करने वाले छात्रों का कहना है कि गर्म हवाओं से उनके आंख और मुंह सूख जाते हैं। स्वास्थ्य विभाग ने दिशा-निर्देश जारी कर दोपहर बारह से तीन बजे के बीच घरों से बाहर न निकलने, सूती कपड़े पहनने और शरीर में पानी की कमी न होने देने की सलाह दी है।

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