ट्विशा मौत मामला: जांच के लिए सास के घर पहुंची सीबीआई
एसआईटी ने कहा- सुरक्षित रखे जाएंगे कॉल रिकॉर्ड

भोपाल। सीबीआई की टीम मंगलवार को रिटायर्ड जज और ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह के घर जांच के लिए पहुंची। सोमवार रात ही केंद्रीय एजेंसी ने गिरिबाला और पति समर्थ के खिलाफ दहेज मृत्यु और बीस लाख रुपये अतिरिक्त मांगने के आरोप में नई प्राथमिकी दर्ज की थी। सास के आवास पर पड़ताल के बाद टीम ट्विशा के परिजनों से पूछताछ के लिए सैन्य क्षेत्र रवाना हो गई। इससे पहले राज्य के विशेष जांच दल (एसआईटी) ने भी समर्थ से पूछताछ की थी, जिसमें उसने दावा किया था कि ट्विशा गर्भपात के कारण तनाव में थी।
कॉल रिकॉर्ड और फुटेज पर अदालत में सुनवाई
जिला अदालत में मंगलवार को कॉल डिटेल और सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने की अर्जियों पर सुनवाई हुई। एसआईटी ने अदालत में अपना जवाब पेश करते हुए बताया कि बारह से बीस मई तक के कॉल रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के लिए दूरसंचार कंपनियों को पत्र भेज दिया गया है। जानकारी मिलते ही इसे अदालत में पेश किया जाएगा। दूसरी तरफ, सोमवार को हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और ट्विशा के पिता की याचिका पर सुनवाई करते हुए सास गिरिबाला की अग्रिम जमानत के खिलाफ उन्हें नोटिस जारी किया था। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए मीडिया ट्रायल पर चिंता जाहिर की है।
फोरेंसिक लैब भेजी गई फंदे वाली बेल्ट, साक्ष्य मिटाने का शक
जिस जिमनास्टिक बेल्ट से ट्विशा द्वारा कथित तौर पर फांसी लगाने का दावा किया जा रहा है, उसे सागर स्थित फोरेंसिक लैब भेज दिया गया है। डीसीपी विकास कुमार शहवाल ने स्पष्ट किया कि परीक्षण के बाद बेल्ट को सुरक्षित रख लिया गया था। घटना बारह मई की रात की है, लेकिन एम्स अस्पताल से पुलिस को अगले दिन सुबह सूचना दी गई। परिजनों का सीधा आरोप है कि पति समर्थ और उसकी मां ने देरी का फायदा उठाकर घटना स्थल के साक्ष्यों के साथ हेरफेर की है। सीबीआई अब इस बात की भी गहन जांच कर रही है कि पुलिस तक सूचना इतनी देरी से क्यों पहुंचाई गई।



