
सागर। कलेक्ट्रेट परिसर में मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान जैसीनगर निवासी 37 वर्षीय बहादुर चढ़ार ने रामचरितमानस में आग लगाकर खुद पर पेट्रोल उड़ेल लिया। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल उसे पकड़कर पेट्रोल की बोतल छीनी और पुलिस ने पानी डालकर ग्रंथ की आग बुझाई। घटना के बाद अफरा-तफरी मच गई और पुलिस ने युवक को तुरंत अपनी हिरासत में ले लिया।
दस साल से न्याय न मिलने का दावा, मारपीट और प्रताड़ना का लगाया आरोप
युवक का आरोप है कि साल 2015 में मुन्ना सिंह बुंदेला ने उसके साथ मारपीट की और हथियार के बल पर पेशाब मिला हुआ खाना खिलाया। बहादुर ने बताया कि वह दस साल से जैसीनगर थाने से लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक न्याय की गुहार लगा रहा है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी से हताश होकर वह अपने साथ पेट्रोल और पटाखे लेकर पहुंचा था, ताकि पटाखों की आवाज से लोगों का ध्यान खींच सके। वहीं, दूसरी तरफ मुन्ना सिंह ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि वह इस युवक को जानता तक नहीं है।
ग्रंथ जलाने पर भड़के लोग, प्राथमिकी दर्ज करने की मांग
रामचरितमानस जलाने पर युवक ने तर्क दिया कि जब सत्य ही नहीं बचा है, तो रामायण को भी जलने दो। हालांकि, इस कृत्य से वहां मौजूद लोगों और हिंदू संगठनों की भावनाएं आहत हुईं। उन्होंने कड़ा विरोध जताते हुए युवक के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की। बवाल बढ़ता देख युवक ने अपनी गलती मानते हुए माफी भी मांगी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच के लिए उसे अपने साथ गोपालगंज थाने ले गई है।



