सांदीपनि की पावन भूमि से होगा गुरु – शिष्य परम्परा के भारतीय ज्ञान का आगाज़

–गुरु पूर्णिमा पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे अत्याधुनिक’श्री गीता भवन’ऑडिटोरियम का लोकार्पण
–उज्जैन में सजेगा राज्य स्तरीय ‘महर्षि सांदीपनि गुरु पर्व’
–सनातन शिक्षा परंपरा के पुनर्जागरण का साक्षी बनेगा सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय
–कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित,समारोह के लिए संचालन समितियों का गठन
उज्जैन 27 जुलाई। भगवान श्री कृष्ण की पावन शिक्षा स्थली और महर्षि सांदीपनि की पौराणिक गुरुकुल भूमि अवंतिकापुरी (उज्जैन) एक बार फिर भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा के पुनर्जागरण की गवाह बनने जा रही है।आगामी 29 जुलाई 2026 को गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर मध्य प्रदेश शासन द्वारा सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय उज्जैन के परिसर में ‘राज्य स्तरीय महर्षि सांदीपनि गुरु पर्व’ का आयोजन किया जा रहा है। प्रातः 10:00 बजे से दिनभर चलने वाले इस समारोह के मुख्य अतिथि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव होंगे। इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री विश्वविद्यालय परिसर में नव-निर्मित अत्याधुनिक ‘श्री गीता भवन’ ऑडिटोरियम को राष्ट्र एवं आमजन को समर्पित करेंगे।
कुलसचिव डॉ अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि,यह आयोजन केवल एक भवन के उद्घाटन तक सीमित न होकर प्राचीन भारतीय वैदिक मूल्यों और आधुनिक शिक्षा प्रणाली (NEP 2020) के समन्वय का एक राष्ट्रीय प्रतीक बनने जा रहा है।गुरु-शिष्य परंपरा को नमन करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस मंच से पूरे प्रदेश व देश को संबोधित करेंगे। समारोह के दौरान विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण संपन्न होगा, साथ ही शिक्षा, खेल एवं सांस्कृतिक क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों और 50 से अधिक वरिष्ठ आचार्यों का नागरिक अभिनंदन किया जाएगा।
इस राज्य स्तरीय आयोजन को राष्ट्रीय गरिमा के अनुरूप त्रुटिहीन और भव्य बनाने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने तैयारियाँ तेज कर दी हैं।सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें कुलसचिव डॉ. अनिल कुमार शर्मा, विद्यार्थी कल्याण संकायाध्यक्ष व कार्यक्रम संयोजक डॉ. एस.के. मिश्रा सहित सभी विभागों के अध्यक्ष व निदेशक और शिक्षकों के साथ उज्जैन के समस्त महाविद्यालयों के प्राचार्य और शिक्षक उपस्थित रहे।बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा, व्यवस्थाओं एवं विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।समारोह के लिए संचालन समितियों का गठन किया गया है।
समारोह के संचालन के लिए कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज ने विस्तृत कार्य-योजना तैयार करते हुए विभिन्न संचालन समितियों का गठन किया है: गुरुजनों की सूची निर्माण एवं आमंत्रण के लिए डॉ. क्षमाशील मिश्रा , आमंत्रण पत्र मुद्रण हेतु प्रो. संदीप तिवारी तथा अतिथि सत्कार के लिए प्रो. कमलेश दशोरा को जिम्मेदारी सौंपी गई है।इसी तरह मंच व्यवस्था एवं सज्जा का दायित्व प्रो. स्वाति दुबे को दिया गया है, जबकि परिसर व्यवस्था एवं अनुशासन की कमान प्रो. डी.डी. बेदिया संभालेंगे।
वही प्रचार-प्रसार समिति का प्रभारी डॉ. सुशील शर्मा को तथा फ्लेक्स, साउंड, फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी का प्रभार डॉ. गणपत अहिरवार को बनाया गया है। वित्तीय प्रबंधन श्री जे.एस. तोमर, यातायात एवं सुगम आवागमन डॉ. संग्राम भूषण, भोजन एवं स्वल्पाहार प्रो. अनिल कुमार जैन और कार्यक्रम-कार्यवृत्त का दायित्व प्रो. बी.के. आंजना की समितियाँ संभालेंगी।
कुलगुरु प्रो. भारद्वाज ने सभी समिति प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अविलंब अपनी बैठकों का आयोजन कर सभी व्यवस्थाएं समयसीमा में पूर्ण करें, ताकि 29 जुलाई को उज्जैन की पावन धरा से गुरु-शिष्य की जिस महान संस्कृति का संदेश जाए, वह संपूर्ण राष्ट्र को आलोकित कर सके।



