BJP में नौकरी के नाम पर 26 युवाओं को ठगा, कैसे किया साइबर क्राइम जाने पूरी खबर
पूर्व पंचायत प्रधान का पोता भी बना शिकार

दौसा। राजस्थान के दौसा जिले में सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। ठग ने खुद को जयपुर स्थित बीजेपी कार्यालय का कर्मचारी बताकर पूर्व प्रधान के पोते समेत 26 लोगों से 82,300 रुपए की ठगी कर ली।
ठग ने पहले रजिस्ट्रेशन फीस और बाद में बैंक खाता खुलवाने के नाम पर अलग-अलग रकम ऑनलाइन क्यूआर कोड के जरिए अपने खाते में जमा करवाई। जब सभी अभ्यर्थी नियुक्ति की उम्मीद लेकर दौसा कलेक्ट्रेट पहुंचे, तब उन्हें पता चला कि वे साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं।
मामला दौसा जिले के बैजूपाड़ा थाना क्षेत्र का है। अलीपुर की ढेर ढाणी निवासी राम सिंह मीणा ने इस संबंध में पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि 20 जून की शाम उनके दादा एवं बांदीकुई पंचायत समिति के पूर्व प्रधान सुबुद्धि राम मीणा के पास एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को जयपुर बीजेपी कार्यालय से जुड़ा अधिकारी बताया।
पार्टी के जयपुर दफ्तर में क्लर्क की नौकरी का झांसा
आरोपी ने कहा कि जिला स्तर पर लिपिक सहायक (लेवल-सी) के पदों पर भर्ती की जा रही है और यदि किसी परिचित को नौकरी की जरूरत हो तो आवेदन कराया जा सकता है। इसके बाद उसने व्हाट्सऐप पर एक फर्जी भर्ती विज्ञप्ति भेजी। राम सिंह ने भरोसा करते हुए यह विज्ञप्ति अपने परिचितों को भेज दी।
इसके बाद कुल 26 युवाओं ने ठग से संपर्क किया। आरोपी ने सभी से रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर प्रति व्यक्ति 1,000 रुपए क्यूआर कोड के जरिए जमा करवाए। कुछ देर बाद उसने दावा किया कि अभ्यर्थियों के लिए एसबीआई बैंक में खाता खोला गया है और उसमें 4,350 रुपए जमा कराने होंगे। कुछ लोगों से इससे भी अधिक रकम जमा करवा ली गई।
कलेक्ट्रेट में जाकर पता चला ठगी हो गई
पुलिस के अनुसार सभी अभ्यर्थियों से अलग-अलग किश्तों में कुल 82,300 रुपए ठग के खाते में ट्रांसफर कर दिए गए। पैसे मिलने के बाद आरोपी ने सभी को 22 जून को अपने शैक्षणिक दस्तावेज लेकर दौसा कलेक्ट्रेट पहुंचने और वहां “एकता तिवारी मैडम” से मिलने के निर्देश दिए।निर्धारित तारीख पर जब सभी अभ्यर्थी दौसा कलेक्ट्रेट पहुंचे तो वहां इस नाम की कोई अधिकारी या कर्मचारी मौजूद नहीं थी। काफी देर तक जानकारी लेने के बाद सभी को ठगी का एहसास हुआ।
इसके बाद राम सिंह ने पूरी घटना की जानकारी अपने दादा सुबुद्धि राम मीणा को दी। उन्होंने जब जयपुर स्थित प्रदेश कार्यालय में संपर्क किया तो पता चला कि ऐसा कोई भर्ती अभियान चल ही नहीं रहा है।
इसके बाद बैजूपाड़ा थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर साइबर ठग की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस लोगों से अपील कर रही है कि किसी भी नौकरी, भर्ती या सरकारी नियुक्ति से जुड़ी जानकारी की पहले आधिकारिक स्रोत से पुष्टि करें और किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर ऑनलाइन पैसे जमा न करें।
उल्लेखनीय है कि सुबुद्धि राम मीणा वर्ष 2005 से 2010 तक बांदीकुई पंचायत समिति के प्रधान रह चुके हैं। हाल ही में उन्हें जन अभाव अभियोग समिति, दौसा का सदस्य भी बनाया गया है।
