देश

सावन में 12 साल बाद बनेगा पंचमहापुरुष राजयोग, 59 वर्ष बाद गुरु-शनि का दुर्लभ संयोग

-गजकेसरी, आयुष्मान व सौभाग्य योग के साथ श्रवण नक्षत्र में होगा श्रावण मास का शुभारंभ

– कर्क और मकर सहित कई राशियों पर बरसेगी शिव कृपा

उज्जैन। भगवान शिव की आराधना का पवित्र श्रावण मास इस वर्ष अत्यंत दुर्लभ और शुभ ज्योतिषीय संयोगों के साथ शुरू हो रहा है। इस बार सावन में 12 वर्ष बाद गुरु के प्रभाव से पंचमहापुरुष राजयोग बन रहा है। इसके साथ ही करीब 59 वर्ष बाद गुरु और शनि का विशेष शुभ संयोग भी निर्मित हो रहा है। ज्योतिष शास्त्र में इसे आध्यात्मिक उन्नति, धर्म, संयम और दीर्घकालीन शुभ फलों का सूचक माना जा रहा है।

श्री मातंगी ज्योतिष केंद्र के ज्योतिर्विद पं. अजय कृष्ण शंकर व्यास के अनुसार श्रावण मास का शुभारंभ गजकेसरी, आयुष्मान योग, सौभाग्य योग और श्रवण नक्षत्र जैसे दुर्लभ संयोगों में हो रहा है। आयुष्मान योग में किए गए जप, तप, दान और धार्मिक अनुष्ठान दीर्घायु व उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करते हैं। वहीं सौभाग्य योग दाम्पत्य सुख, पारिवारिक समृद्धि और मांगलिक कार्यों के लिए अत्यंत श्रेष्ठ माना गया है। श्रवण नक्षत्र भगवान विष्णु को प्रिय है, जिसकी शुभता से नकारात्मकता दूर होती है और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है।

जल तत्व की राशियों में गुरु-शनि का समन्वय

ज्योतिर्विद पं. अजय व्यास ने बताया कि करीब 59 वर्ष बाद गुरु के कर्क राशि में उच्चस्थ होने और शनि के मीन राशि में स्थित रहने का विशेष संयोग बन रहा है। गुरु के कर्क राशि में उच्च होने से धर्म, ज्ञान, संरक्षण, शिक्षा और सद्बुद्धि में वृद्धि होती है। वहीं मीन राशि का शनि आध्यात्मिकता, अनुशासन, धैर्य और जीवन में गहराई से सोचने की प्रवृत्ति को बल देता है। कर्क और मीन दोनों जल तत्व की राशियां हैं। इसलिए गुरु और शनि का यह समन्वय आध्यात्मिक चेतना, संयम, सेवा-भाव और दीर्घकालीन उपलब्धियों के लिए अनुकूल है। इसका सकारात्मक प्रभाव कर्क और मकर सहित अनेक राशियों पर विशेष रूप से देखने को मिलेगा।

साधना और समर्पण का मास

पं. अजय व्यास ने बताया कि श्रावण केवल शिव उपासना का ही नहीं बल्कि धर्म, आध्यात्म, भक्ति, त्याग, तप, नियम और समर्पण का पावन मास है। इस अवधि में शिवलिंग पर जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय मंत्र जप, शिवपुराण श्रवण, व्रत-उपवास, दान-पुण्य और सेवा का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस मास में श्रद्धा और निष्काम भाव से की गई साधना का फल कई गुना प्राप्त होता है और भगवान शिव अपने भक्तों पर विशेष कृपा बरसाते हैं।

राजेंद्र पुरोहित

वरिष्ठ पत्रकार एवं Editor-in-Chief राजेंद्र पुरोहित पत्रकारिता के क्षेत्र में 40 से अधिक वर्षों का अनुभव रखने वाले वरिष्ठ पत्रकार हैं। उन्होंने नईदुनिया, जागरण, अग्निबाण, सिटी चैनल और साधना न्यूज़ सहित प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में कार्य किया है। मध्य प्रदेश के अधिमान्य पत्रकार राजेंद्र पुरोहित लोक वर्चस्व समाचार पत्र एवं lokvarchasva.in के संस्थापक और Editor-in-Chief हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button