19 वर्षीय युवक ने की शिक्षा बोर्ड की वेबसाइट में सेंधमारी
मूल्यांकन प्रणाली की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल

नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी स्कूली शिक्षा संस्था की डिजिटल सुरक्षा में एक बड़ी और चौंकाने वाली सेंधमारी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक उन्नीस साल के युवा ने दावा किया है कि उसने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के उस अति-संवेदनशील वेब पटल में सफलतापूर्वक घुसपैठ कर ली है, जहां शिक्षकों द्वारा बोर्ड परीक्षा के अंक दर्ज किए जाते हैं। इस चौंकाने वाले खुलासे के बाद शिक्षा तंत्र और लाखों छात्रों के अभिभावकों के बीच भारी हड़कंप मच गया है। युवक, जिसकी पहचान निसर्ग के रूप में हुई है, ने बाकायदा यह साबित किया है कि देश के इतने महत्वपूर्ण पटल की सुरक्षा कितनी लचर है।
सुरक्षा खामियां उजागर करने का दावा, अंकों में बदलाव था संभव
निसर्ग ने बताया कि अंकों के मूल्यांकन वाले इस वेब पटल की सुरक्षा दीवार इतनी कमजोर थी कि कोई भी सामान्य तकनीकी जानकारी रखने वाला व्यक्ति इसमें घुसपैठ कर सकता था। घुसपैठ के बाद किसी भी छात्र के अंकों में आसानी से मनमाना बदलाव करना पूरी तरह संभव था। हालांकि, युवा ने स्पष्ट किया है कि उसका मकसद किसी का परिणाम बदलना या कोई अपराध करना नहीं था। उसने यह कदम केवल अधिकारियों का ध्यान इस गंभीर तकनीकी खामी की ओर खींचने के लिए उठाया है। संस्था की तरफ से वेब सुरक्षा के बुनियादी मानकों की भारी अनदेखी की गई थी।
मूल्यांकन की विश्वसनीयता पर संकट और जांच के आदेश
इस घटना ने पूरी इंटरनेट आधारित अंक प्रणाली और उसकी विश्वसनीयता पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। इतनी आसानी से घुसपैठ होने वाले पटल के कारण अब पुराने परिणामों की सुरक्षा पर भी भारी संदेह पैदा हो गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी विशेषज्ञों और सुरक्षा एजेंसियों ने इस दावे की गहन जांच शुरू कर दी है। शिक्षा अधिकारियों पर अब यह दबाव है कि वे जल्द से जल्द अपनी सुरक्षा प्रणाली की खामियों को दूर करें, ताकि भविष्य में करोड़ों छात्रों की गोपनीय जानकारी और उनका भविष्य पूरी तरह सुरक्षित रह सके।



