राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक आज दोपहर 3बजे होगी

-चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार होंगे
– चंपत राय के इस्तीफे को लेकर संशय की स्थिति
-चढ़ावा चोरी की जांच रिपोर्ट आने पर होगी स्थिति साफ
-अब तक आठ से अधिक लोग गिरफ्तार लाखों रुपए बरामद
अयोध्या। अयोध्या के राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक आज दोपहर 3:00 बजे होने जा रही है। ट्रस्ट की बैठक महंत नृत्य गोपाल दास जी महाराज की अध्यक्षता में होने जा रही है। ट्रस्ट की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं। ट्रस्ट में लाखों रुपए की हुई चढ़ावा चोरी का मामला भी उठेगा। इस बैठक में चंपत राय और अनिल मिश्रा भी मौजूद रहेंगे। इसमें दोनों पदाधिकारी अपनी ओर से चढ़ावे मामले के संबंध में स्पष्टीकरण भी दे सकते हैं। माना जा रहा है कि इस बैठक में चंपत राय और अनिल मिश्रा द्वारा दिए गए इसके इस्तीफे पर विचार किया जा सकता है।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गूंज रहा है। इस मामले को लेकर आस्था और विश्वास पर प्रश्न चिन्ह खड़ा हो रहा है। इस समय देश के टीवी चैनलों पर चर्चाओं का दौर जारी है। बताया गया है कि चढ़ावा चोरी में आठ लोगों की संलिप्तता के चलते गिरफ्तार किया गया है। उनके पास से लाखों रुपए बरामद किए गए हैं। साथ ही चढ़ावा चोरी रकम से स्थाई एवं अस्थाई संपत्तियों की खरीदी भी की गई।
चैनलों की चर्चा में कई साधु संत और गणमान्य लोगों के विचारों का प्रकटीकरण हो रहा है।
इधर यह भी खबर है कि राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे ही स्वीकार किए जाएंगे। अन्य मुद्दों पर कोई चर्चा नहीं होगी। अन्य मुद्दों पर विचार और मंथन ट्रस्ट की अगली बैठक में किया जा सकता है।
चैनल चर्चाओं में यही मत निकाल कर सामने आ रहा है कि ट्रस्ट के जिम्मेदार लोगों की जिम्मेदारी थी कि ट्रस्ट की संपत्ति, मंदिर चढ़ावे का व्यवस्थित हिसाब और निगरानी रखी जाएगी। चर्चा में यही बात सामने आ रही है कि एसआईटी की जांच में आने वाली जानकारी में दूध का दूध, पानी का पानी हो जाएगा। इधर यह भी कहा जा रहा है कि मंदिर चढ़ावे में हुई गड़बड़ी के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
नई जिम्मेदारी किस मिलेगी
चंपत राय के इस्तीफे को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है। संत समाज का मानना है कि एसआईटी की रिपोर्ट आने के बाद ही निर्णय लिया जाए। संत चाहते हैं कि फिलहाल चंपत राय का इस्तीफा स्वीकार नहीं किया जाए। इधर ट्रस्ट के सचिव के रूप में स्वामी वासुदेवानंद जी सरस्वती का नाम सामने आ रहा है। इधर स्वामी वासुदेवानंद जी महाराज इस पद को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है। वे राम मंदिर चढ़ावा चोरी से आहत है। वे ट्रस्ट की सदस्यता से भी अलग होने पर विचार कर रहे हैं।



