NEET पेपर लीक विवाद: जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी; संस्थापक ने किससे कहा पुलिस से डरने की जरूरत नहीं
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ी CJP

नई दिल्ली: देश की सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सा प्रवेश परीक्षा ‘NEET’ में कथित पेपर लीक और धांधली के खिलाफ राजधानी दिल्ली का जंतर-मंतर एक बार फिर बड़े आंदोलन का केंद्र बन गया है। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के बैनर तले चल रहा यह विरोध प्रदर्शन सोमवार को तीसरे दिन भी लगातार जारी रहा।
प्रदर्शनकारी छात्र और युवा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोमवार सुबह प्रदर्शन स्थल पर जुटे लोगों को संबोधित किया और डिजिटल माध्यमों से एक वीडियो संदेश जारी कर देशव्यापी एकजुटता का आह्वान किया।
जंतर-मंतर से जारी अपने संदेश में संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों से हजारों लोग इस न्याय की लड़ाई में शामिल होने दिल्ली पहुंच रहे हैं और यह प्रदर्शन धीरे-धीरे एक मजबूत जनआंदोलन का रूप अख्तियार कर रहा है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि प्रशासन या पुलिस से डरने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि वे भी हमारे ही बीच से हैं।
किसानों और NEET अभ्यर्थियों से आंदोलन में शामिल होने की अपील
इससे पहले, रविवार को दीपके ने ऐतिहासिक किसान आंदोलन का स्मरण कराते हुए कहा था कि जब देश के अन्नदाता अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे थे, तब देश के छात्रों और युवाओं ने उनका पुरजोर समर्थन किया था। अब समय आ गया है कि देश के किसानों को छात्रों के भविष्य के लिए आगे आना चाहिए।
उन्होंने देशभर के किसान संगठनों से जंतर-मंतर पहुंचकर इस मुहिम को ताकत देने की अपील की है, साथ ही NEET री-एग्जाम देने वाले अभ्यर्थियों से भी परीक्षा संपन्न होने के बाद सीधे आंदोलन से जुड़ने का आग्रह किया है।
अनुमति खत्म होने के बाद भी रातभर डटे रहे
दिल्ली पुलिस द्वारा इस विरोध प्रदर्शन के लिए केवल शनिवार शाम 5 बजे तक की ही आधिकारिक अनुमति दी गई थी। निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद जब सुरक्षाकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों से जंतर-मंतर खाली करने का अनुरोध किया, तो छात्रों ने वहां से हटने से साफ इनकार कर दिया।
प्रदर्शनकारी पूरी रात धरना स्थल पर ही डटे रहे। सोमवार सुबह आंदोलनकारियों ने एक साथ बैठकर देशभक्ति और संघर्ष के गीत गाए, जिससे माहौल में उत्साह बना रहा। इस बीच, कई स्थानीय परिवार प्रदर्शनकारी छात्रों के लिए भोजन, फल और जूस लेकर पहुंचे, जिनके प्रति अभिजीत दीपके ने आभार व्यक्त किया।
हालांकि, CJP नेतृत्व ने प्रशासन पर असहयोग और उत्पीड़न के गंभीर आरोप भी लगाए हैं। दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि शनिवार रात से जंतर-मंतर के सार्वजनिक शौचालयों में पानी की आपूर्ति बंद कर दी गई है। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों से मानवीय आधार पर बुनियादी सुविधाएं बहाल करने की अपील की।
इसके अतिरिक्त, प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि रात के समय कुछ देर के लिए बिजली भी काट दी गई थी, जिससे अंधेरे में भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। दीपके ने यह भी दावा किया कि प्रदर्शनकारियों की मदद के लिए भोजन-पानी लाने वाले नागरिकों से पुलिस पहचान पत्र (आधार कार्ड) मांग रही है और उनके पते नोट कर उन्हें डराने का प्रयास किया जा रहा है।
गंभीर होता जा रहा है छात्रों का मानसिक तनाव
यह आंदोलन ऐसे समय में उग्र हो रहा है जब देश में पिछले 39 दिनों के भीतर NEET परीक्षा के तनाव और विवादों से तंग आकर करीब 16 छात्र-छात्राएं आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठा चुके हैं।
हालिया दुखद घटना हैदराबाद की है, जहां 19 वर्षीय NEET अभ्यर्थी शेख सना ने परीक्षा के अत्यधिक मानसिक दबाव के कारण अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। घटनास्थल से बरामद सुसाइड नोट इस बात की पुष्टि करता है कि वह परीक्षा प्रणाली और अनिश्चितता को लेकर गहरे तनाव में थी। सना रविवार को आयोजित होने वाली NEET की दोबारा परीक्षा (री-एग्जाम) में बैठने वाली थी।
CJI की टिप्पणी से ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के जन्म की कहानी
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) का गठन और इसकी अविश्वसनीय डिजिटल लोकप्रियता इन दिनों राजनीतिक विश्लेषकों के लिए भी कौतूहल का विषय बनी हुई है। दरअसल, इस संगठन की शुरुआत सुप्रीम कोर्ट के माननीय जस्टिस सूर्यकांत की एक मौखिक टिप्पणी के बाद हुई थी।
15 मई को एक अदालती सुनवाई के दौरान उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि कुछ बेरोजगार युवा ‘कॉकरोच’ की तरह होते हैं, जो बाद में मीडिया, सोशल मीडिया या आरटीआई एक्टिविस्ट बनकर व्यवस्था पर सवाल उठाते हैं।
इस टिप्पणी के प्रतिवाद में, 16 मई को अमेरिका में शिक्षा ग्रहण कर रहे डिजिटल मीडिया स्ट्रैटेजिस्ट अभिजीत दीपके ने प्रतीकात्मक रूप से ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की स्थापना की और सोशल मीडिया पर इसके आधिकारिक हैंडल सक्रिय कर दिए। इसके बाद 22 मई को शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर शुरू की गई एक ऑनलाइन पिटीशन को महज कुछ ही दिनों में 8 लाख से अधिक लोगों का समर्थन प्राप्त हुआ।
CJP की डिजिटल पहुंच का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जून के शुरुआती हफ्ते तक इसके इंस्टाग्राम पर 2.27 करोड़ से अधिक फॉलोअर्स दर्ज किए जा चुके थे, जो कि देश के बड़े स्थापित राजनीतिक दलों की तुलना में भी काफी अधिक है।
कौन हैं आंदोलन की कमान संभाल रहे अभिजीत दीपके?
मूल रूप से महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर (पूर्व नाम औरंगाबाद) के रहने वाले 30 वर्षीय अभिजीत दीपके एक कुशल डिजिटल मीडिया स्ट्रैटेजिस्ट हैं। उन्होंने पुणे से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की है और पूर्व में वे आम आदमी पार्टी (AAP) के डिजिटल विंग से भी जुड़े रहे हैं।
वर्तमान में अभिजीत अमेरिका की प्रतिष्ठित बॉस्टन यूनिवर्सिटी से पब्लिक रिलेशंस (PR) में मास्टर्स की पढ़ाई कर रहे हैं, और वहीं से इस पूरे डिजिटल और जमीनी आंदोलन की रणनीतियों को संचालित कर रहे हैं।
अगले 15 दिन में 8 शहरों में होंगे प्रदर्शन
कॉकरोच जनता पार्टी का यह आंदोलन आगामी दिनों में देश के 8 प्रमुख शहरों में अगले 15 दिनों तक चरणबद्ध तरीके से विस्तारित होने जा रहा है। जंतर-मंतर पर डटे छात्रों का स्पष्ट कहना है कि जब तक सरकार पेपर लीक मामले में कोई ठोस और पारदर्शी कदम नहीं उठाती तथा नैतिक जिम्मेदारी तय नहीं होती, तब तक उनका यह सत्याग्रह समाप्त नहीं होगा।
अब देखना यह है कि किसानों के इस आंदोलन में शामिल होने के आह्वान के बाद सरकार और प्रशासन इस बढ़ते दबाव से निपटने के लिए क्या रुख अपनाते हैं।



