12 साल बाद बनेगा शक्तिशाली हंस राजयोग

-2 जून को देवगुरु बृहस्पति करेंगे कर्क राशि में प्रवेश
-सिंहस्थ और उज्जैन के विकास को मिलेगी अभूतपूर्व गति
– मुख्यमंत्री सहित जिले के शीर्ष अधिकारियों के लिए रहेगा शुभ
उज्जैन,31मई। देवगुरु बृहस्पति 12 वर्ष के बाद 2 जून 2026 को अपनी उच्च राशि कर्क में प्रवेश करने जा रहे हैं, जिससे पंच महापुरुष राजयोग में से एक शक्तिशाली ‘हंस राजयोग’ का निर्माण होगा।
श्री मातंगी ज्योतिष केंद्र के ज्योतिर्विद पंडित अजय कृष्ण शंकर व्यास के अनुसार, यह गोचर धार्मिक आस्था, आध्यात्मिक आवागमन और आनंद उत्सव में भारी बढ़ोतरी करेगा।
पंडित अजय व्यास ने बताया कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की जन्म राशि के अनुसार यह गोचर उज्जैन को विश्व की जीवन रेखा के रूप में स्थापित करेगा। उनके नेतृत्व में सिंहस्थ महाकुंभ के कार्य सराहनीय रूप से पूर्ण होंगे तथा उज्जैन व ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर का वृहद विकास होगा।
पंडित अजय व्यास के ज्योतिषीय आकलन के अनुसार, उज्जैन जिला प्रशासन के अधिकारियों की राशियों पर गुरु का अत्यंत शुभ प्रभाव पड़ेगा। मेष राशि वाले सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह उज्जैन की मंगल भूमि पर अपनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां पूरी करेंगे। तुला राशि वाले कलेक्टर रोशन कुमार सिंह के कार्य भी इस दौरान काफी सराहनीय रहेंगे। पंडित अजय व्यास ने बताया कि कन्या राशि वाले महाकाल मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक के कार्यकाल में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से शासन को बड़ा लाभ होगा। मेष राशि वाले निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा के नेतृत्व में कार्य समय से पहले पूर्ण होंगे, जबकि सिंह राशि वाले महापौर मुकेश टटवाल के समय में सिंहस्थ और नगर विकास के कार्य विशेष रूप से पूरे होंगे।
ज्योतिर्विद पंडित व्यास के अनुसार, गुरु 2 जून 2026 को रात 2:25 बजे कर्क राशि में प्रवेश करेंगे और 25 जून 2027 तक इसी राशि में विराजमान रहेंगे। इस बीच 31 अक्टूबर 2026 को सिंह राशि में प्रवेश करेंगे, 24 जनवरी 2027 को वक्री होकर पुनः कर्क राशि में लौटेंगे और 26 जून 2027 के बाद सिंह राशि में अंतिम प्रस्थान करेंगे। पंडित अजय व्यास का कहना है कि यह गोचर महिलाओं में मातृत्व भाव और परिवार जोड़ने की क्षमता बढ़ाएगा, साथ ही शिक्षा, अन्न उत्पादन, खेल प्रतिभाओं को निखारने, समुद्र उत्पादन और तेल-गैस आयात-निर्यात व्यापार के लिए शुभ रहेगा। यह नौकरी और करियर में तरक्की के साथ विदेश यात्राओं के लिए बेहतरीन अवसर प्रदान करेगा।
ज्योतिर्विद पंडित व्यास ने विभिन्न राशियों पर पड़ने वाले प्रभावों की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि मेष राशि के जातकों को घर-परिवार और संपत्ति का सुख मिलेगा। शुभ फल के लिए इन्हें गुरुवार को मुख्य द्वार पर हल्दी का स्वास्तिक बनाना चाहिए। वृषभ राशि वालों के पराक्रम और यात्राओं में वृद्धि होगी। मिथुन राशि के जातकों के लिए धन वृद्धि के अवसर बनेंगे, जिन्हें गुरुवार को पीली मिठाई दान कर बुजुर्गों का आशीर्वाद लेना चाहिए। कर्क राशि वालों के भाग्य, सम्मान और निर्णय क्षमता में वृद्धि होगी और उनके लिए केसर या हल्दी का तिलक लगाना फलदायी रहेगा। सिंह राशि वालों के खर्च बढ़ने और विदेश यात्रा के योग हैं, वे सोने से पहले गुरु का स्मरण कर दीपक जलाएं। कन्या राशि वालों को आर्थिक लाभ मिलेगा और उन्हें बड़े बुजुर्गों का सम्मान करना चाहिए। तुला राशि वालों की सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, जिन्हें हल्दी व चना दाल का दान करना चाहिए। वृश्चिक राशि के लिए यह गोचर भाग्य और विस्तार देने वाला रहेगा। धनु राशि वालों को कठिन परिस्थितियों में संरक्षण और जीवन में नई दिशा मिलेगी। मकर राशि के विवाह योग्य जातकों के लिए अच्छे प्रस्ताव आएंगे और संबंधों में सुधार होगा। वहीं मीन राशि वालों की विद्या, संतान और आध्यात्मिक ज्ञान में वृद्धि होगी। इन्हें अनुकूलता के लिए गुरुवार को पीले पुष्प और केसर अर्पित करना चाहिए।



