उन्हेल पुलिस ने 24 घंटे के अंदर किया अंधे कत्ल का खुलासा

— पत्नी एवं उसके प्रेमी द्वारा की गई थी हत्या की साजिश
-खेत में पत्थर से सिर पर वार कर की गई थी हत्या
— पुलिस ने 24 घंटे के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार किया

उज्जैन। जिले में आरोपियों की धड़पकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) श्री आलोक कुमार शर्मा एवं नगर पुलिस अधीक्षक नागदा श्री विक्रम अहिरवार के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी उन्हेल निरीक्षक संतोष चौहान एवं उनकी टीम द्वारा थाना क्षेत्र में हुई अंधे कत्ल की घटना का मात्र 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया गया।
घटना का विवरण के अनुसार 30.05.2026 को सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम पिपलियाडाबी में भारत सिंह पिता भगवान सिंह राजपूत निवासी पिपलियाडाबी की लाश उसके खेत में पड़ी हुई है। सूचना प्राप्त होते ही थाना प्रभारी उन्हेल निरीक्षक संतोष चौहान मय पुलिस बल के मौके पर पहुंचे, जहां मृतक के सिर में गंभीर चोट एवं रक्तस्राव पाया गया। प्रथम दृष्टया मामला हत्या का प्रतीत होने पर थाना उन्हेल में अपराध क्रमांक 208/2026 धारा 103(1) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।
पुलिस जांच में खुलासा
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम द्वारा मुखबिर सूचना एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच की गई। जांच के दौरान मृतक की पत्नी सोनाकंवर एवं गांव के ही निवासी जितेन्द्र सिंह पिता सुरेश सिंह के बीच प्रेम संबंध होने की जानकारी प्राप्त हुई। दोनों संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
पूछताछ में ज्ञात हुआ कि आरोपी जितेन्द्र सिंह एवं मृतक की पत्नी सोना कंवर के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध थे। मृतक भारत सिंह द्वारा शराब पीकर विवाद करना एवं कृषि भूमि बेचने की बात को लेकर दोनों ने योजनाबद्ध तरीके से हत्या की साजिश रची।
29.05.2026 की रात्रि करीब 10 बजे आरोपी जितेन्द्र सिंह मृतक भारत सिंह को शराब पिलाने के बहाने खेत पर ले गया, जहां मौका पाकर खेत में रखे पत्थर से सिर पर वार कर उसकी हत्या कर दी। हत्या के पीछे आरोपी एवं मृतक की पत्नी के अवैध संबंध तथा मृतक द्वारा जमीन बेचने के प्रयास को कारण बताया गया।
प्रकरण में आरोपी जितेन्द्र सिंह एवं सोनाकंवर को गिरफ्तार कर लिया गया है। प्रकरण में अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।
इनकी रही सराहनीय भूमिका
थाना प्रभारी निरीक्षक संतोष चौहान, उप निरीक्षक एम.एल. मालवीय, प्रधान आरक्षक रामेश्वर पटेल, प्रधान आरक्षक महेंद्र मिश्रा, प्रधान आरक्षक प्रेम सखवाल, म.प्र.आरक्षक शर्मिला शुक्ला, आरक्षक अविलेश, आरक्षक संजीव, आरक्षक कृपाशंकर एवं सैनिक पवन की सराहनीय भूमिका रही।



